बेगूसराय की बेटी ने मात्र 16 साल की उम्र में किताब लिख दी।

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बेगूसराय की बेटी ने मात्र 16 साल की उम्र में किताब लिख दी।

बेगूसराय : बचपन से पढ़ने- लिखने की प्रेरणा मिलने से बेगूसराय की बेटी ने मात्र 16 साल की उम्र में किताब लिख दी। पुस्तक कर्वड महोगनी का लोकार्पण राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को ग्वालियर के ¨सधिया स्कूल के स्थापना दिवस पर किया। बेगूसराय की अक्ष्यता भूषण शर्मा डॉ. शशिभूषण शर्मा की पौत्री व भाजपा नेता कुमार नीरज की पुत्री हैं। अक्ष्यता की इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी बधाई दी।

मां से मिली पुस्तक लिखने की प्रेरणा

अक्ष्यता बताती हैं कि पुस्तक लिखने की प्रेरणा मां श्वेता कुमार से मिली। लिखने-पढ़ने का शौक उसे बचपन से ही था। वह हमेशा छोटी-छोटी कहानी लिखकर मां को दिखाती थी। मां हमेशा उसकी गलतियों को बताती तथा उसे लिखने के लिए प्रेरित करती थी। मां की प्रेरणा से ही आज वह पुस्तक लिखने में सफल हो सकी है।

राष्ट्रपति से मिलकर मन चहक उठा

जब उसे पता चला कि पुस्तक का लोकार्पण राष्ट्रपति करेंगे। यह सुनकर ही उसका मन चहक उठा। वह बताती है कि जब वह राष्ट्रपति से मिली तो उसके जीवन का सबसे अह्म क्षण था। उसे ऐसा लगा कि उसका सपना साकार हो रहा है। वही उसके पिता कुमार नीरज ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।

किताब में महिला सशक्तिकरण पर जोर

अक्ष्यता बताती हैं कि उन्होंने किताब में महिला सशक्तिकरण के विषय को उठाया है। उनका मानना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी महिलाएं समाज में दबी हुई हैं। आज भी दहेज के लिए महिलाओं को जला दिया जाता है।

पांचवीं से दसवीं तक ¨सधिया स्कूल में की पढ़ाई

अक्ष्यता पांचवीं से दसवीं तक ¨सधिया स्कूल में पढ़ाई की। उसके बाद वह अभी 11वीं पटना के एक निजी स्कूल से कर रही है। वह बताती है कि बचपन से ही स्टोरी लिखा करती थी।